
इन 10 ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स रखता है कड़ी नजर—जरा सी गलती पड़ सकती है भारी
डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में इनकम टैक्स विभाग आपकी आय और खर्च से जुड़ी कई वित्तीय गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखता है। बैंकों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड हाउस और रजिस्ट्री ऑफिस द्वारा भेजी जाने वाली SFT रिपोर्ट (Statement of Financial Transactions) के आधार पर विभाग बड़े या संदिग्ध लेन-देन की तुरंत पहचान कर लेता है।
ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन-कौन से 10 ट्रांजैक्शन पर टैक्स विभाग विशेष निगरानी रखता है, ताकि किसी गलती या चूक की वजह से नोटिस आने की नौबत न आए।
1. बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपये से अधिक कैश जमा करना
एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक नकद जमा होने पर बैंक यह जानकारी इनकम टैक्स विभाग को भेजता है। यह अवैध नहीं है, लेकिन विभाग आपसे स्रोत के दस्तावेज अवश्य मांग सकता है।
2. बार-बार बड़ी रकम की नकद निकासी
यदि आपके अकाउंट से अचानक या नियमित तौर पर बड़ी मात्रा में कैश निकाला जा रहा है, तो यह विभाग की निगरानी में आ सकता है, खासकर तब जब यह आपकी घोषित आय से मेल न खाता हो।
3. बहुत बड़े क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान
कम आय होने के बावजूद हर महीने भारी-भरकम क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने पर विभाग को शक हो सकता है कि आपकी वास्तविक आय कुछ और है।
4. कई बैंक अकाउंट और ब्याज आय छुपाना
PAN–आधार लिंक होने के बाद आपकी सभी बैंक ब्याज आय अपने-आप टैक्स सिस्टम में दिख जाती है। ITR में इसे न दिखाने पर नोटिस मिल सकता है।
5. अज्ञात स्रोत से जमा बड़ी रकम
दोस्तों से उधार, बिना कागजात के गिफ्ट या कैश सेविंग जैसी राशियों का प्रमाण न देने पर इसे अघोषित आय माना जा सकता है और जुर्माना भी लग सकता है।
6. 30 लाख रुपये या उससे अधिक की प्रॉपर्टी खरीद या बिक्री
रजिस्ट्री विभाग ऐसी सभी प्रॉपर्टी डील्स की जानकारी टैक्स विभाग को भेजता है। विभाग यह जांचता है कि राशि कहां से आई।
7. विदेश से जुड़े खर्च या फॉरेक्स ट्रांजैक्शन
यदि आपने विदेश यात्रा, पढ़ाई, इलाज आदि पर 10 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च किए हैं, तो यह भी रिपोर्ट किया जाता है। विभाग आपकी टैक्स हिस्ट्री से इसे मिलान करता है।
8. लंबे समय से निष्क्रिय अकाउंट में अचानक बड़ी रकम
सुस्त पड़े अकाउंट में अचानक मोटी रकम जमा होने को संदिग्ध माना जाता है और इसका स्रोत पूछा जा सकता है।
9. ब्याज या डिविडेंड आय की गड़बड़ी
FD, बैंक इंटरेस्ट, म्यूचुअल फंड डिविडेंड आदि आय ITR में न दिखाने पर विभाग का ऑटो-मैचिंग सिस्टम तुरंत इसे पकड़ लेता है और नोटिस भेज सकता है।
10. किसी और के लिए ट्रांजैक्शन करना
अपने अकाउंट से दूसरों के पैसे भेजने या उनके लिए लेन-देन करने को कई बार बेनामी गतिविधि या मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में माना जा सकता है।
टैक्स विभाग कैसे पकड़ता है संदिग्ध लेन-देन?
हर वित्तीय संस्था साल में एक बार SFT रिपोर्ट भेजती है जिसमें बड़े लेन-देन का पूरा विवरण होता है।
इनकम टैक्स विभाग इस डेटा को PAN और आधार से मिलान करके यह जांचता है कि किसी व्यक्ति की आय, खर्च और बैंक ट्रांजैक्शन में विरोधाभास तो नहीं है।